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Showing posts from August, 2021

जर्मनी में 'पिज्जा डिलीवर' कर रहे हैं अफगानिस्तान के पूर्व IT मंत्री सैयद अहमद

अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान ने कब्जा जमा लिया हैं। जिसके बाद आम अफगानी नागरिक और वीआईपी देश छोड़ विदेशों में शरण लेने लगे हैं। इसी लिस्ट में अफगानिस्तान के पूर्व आईटी मंत्री सैयद अहमद शाह सादत का भी नाम आता हैं, जिन्होने जर्मनी में जाकर शरण ली हैं। सादत ने यहां रहने की तो व्यवस्था कर ली है लेकिन गुजारा करने के लिए उनके पास कुछ नहीं हैं। वे आर्थिक रूप से काफी कमजोर हो गए हैं जिस वजह से उन्होंने कुछ नया किया है। दरअसल, आर्थिक तंगी की वजह से सैयद अहमद शाह सादत ने जर्मनी में ‘पिज्जा डिलीवरी’ करने का काम शुरू कर दिया हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा हैं कि सईद लेपजिग शहर में साइकिल से पिज्जा डिलीवरी का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी पिज्जा डिलीवरी करते तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। आर्थिक तंगी ने उन्हें उस काम को करने पर मजबूर कर दिया जिसके बारे में कोई नेता सोच भी नहीं सकता। बता दे सैयद अहमद शाह सादत ने तालिबानी कब्जे के बाद ही अफगानिस्तान छोड़ दिया था। कहा जा रहा है कि सईद ने तालिबानी कब्जे से पहले वर्ष 2020 में ही मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया थे। गौरतलब हैं क...

75वें स्वतंत्रता दिवस पर दिखा ब्लैक पैंथर्स का जोश, दिखाया 'रग्बी' क्यों हैं खास खेल

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जयपुर जिले के प्रताप नगर (सांगानेर) क्षेत्र में संचालित ‘ब्लैक पैंथर्स स्पोर्ट्स क्लब’ ( Black Panthers Sports Club ) द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह सराहनीय रहा। कार्यक्रम में एनसीसी (NCC) कैडेट्स के साथ-साथ क्लब के सभी प्लेयर्स ने जमकर समां बांधा। जोश और उत्साह से लबरेज बच्चों ने बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। सेक्टर 28 के पार्क में आयोजित किये गए कार्यक्रम को देखने के लिए आस-पास रहने वाले लोग भारी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम के सम्मानित अतिथियों में सांगानेर क्षेत्र के पार्षद प्रत्याशी अमित शर्मा के साथ-साथ राजस्थान रग्बी कोच गौरव कुमार, विश्व हिंदू परिषद के न्याय प्रमुख नीलेश पुरोहित, क्रोसफिट ट्रेनर वी पावर जिम संचालक सचिन शर्मा और कलमकुंज ‘वेब मीडिया पोर्टल’ के मुख्य संपादक आकाश अग्रवाल मौजूद रहे। ‘झंडारोहण’ और राष्ट्रगान के साथ बेहद जोशीले अंदाज में कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद क्लब के प्लेयर्स द्वारा कई मनोरंजक और देशभक्ति प्रस्तुतियां दी गई। जिसमें लड़के और लड़कियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वहां मौजूद अतिथियों और लोगों ने इसकी प्...

15 अगस्त को ना सिर्फ भारत बल्कि इन 5 देशों को भी मिली थी गुलामी की जंजीरो से आजादी

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15 अगस्त 1947 को भारत देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था। देश का हर नागरिक इस वर्ष अपने 75वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा हुआ हैं। इसी बीच कलमकुंज की टीम अपने पाठकों के लिए एक से बढ़कर एक रोचक जानकारियां लाने का काम कर रही हैं। इस लेख में हम आपको भारत समेत दुनिया के उन छह देशों के बारे में बताने जा रहे है, जिन्हें 15 अगस्त के दिन ही आजादी प्राप्त हुई थी। आप नहीं जानते तो … तो चलिए हम आपको बता देते हैं। बहरीन ब्रिटेन की गुलामी से बहरीन को 15 अगस्त 1971 को आजादी मिली थी। हालांकि, 1960 के दशक से ही अंग्रेजों की फौज ने बहरीन को छोड़ना शुरू कर दिया था। लेकिन 15 अगस्त को ब्रिटेन और बहरीन के मध्य संधि हुई और बहरीन आजाद देश बना। इन सब के बाबजूद बहरीन अपना नेशनल हॉलीडे 16 दिसंबर को मनाता है, क्योंकि इस दिन यहां के शासक ‘इसा बिन सलमान अल खलीफा’ बहरीन की सत्ता पर काबिज हुए थे। कांगो कांगो नाम के देश को 15 अगस्त 1960 को आजादी मिली थी। फ्रांस का कांगो पर 1880 से कब्जा था। आजादी के बाद ये रिपब्लिक ऑफ कांगो बन गया। लिकटेंस्टीन लिकटेंस्टीन ने 15 अगस्त 1866 को जर्मनी से आजादी हा...

स्वंतत्रता दिवस: आजादी से पहले विदेश में तिरंगा फहराने वाली क्रांतिकारी महिला के बारे में जानें

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15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेजों के चंगुल से आजाद हुआ था। आजादी का यह दिवस देश के हर नागरिक में जोश का संचार भर देने वाला हैं। इस वर्ष ( Independence Day 2021 ) में हम अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस सेलिब्रेट कर रहे हैं। इस अवसर पर कलमकुंज की टीम आपके लिए उस भारतीय महिला के बारे में परिचित करवा रही है, जिसने आजादी से 40 साल पहले ही विदेश में भारत का झंडा फहराकर अंग्रेजों को आंख दिखाई थी। जोकि एक गर्व करने वाला क्षण रहा होगा। भारत की स्वतंत्रता का माहौल बनाया हम बात कर रहे है भारतीय मूल की पारसी नागरिक ‘भीकाजी कामा’ की। जिन्होंने लंदन से लेकर जर्मनी और अमेरिका तक का भ्रमण कर भारत की स्वतंत्रता के पक्ष में जबरदस्त माहौल बनाया था। उन्होंने 22 अगस्त 1907 को जर्मनी के स्टुटगार्ट नगर में सातवीं अंतरराष्ट्रीय सोशलिस्ट कांग्रेस में भारत का झंडा फहराया था। हालांकि, उस समय तिरंगा झंडा वैसा नहीं था जैसा कि आज है। भीकाजी कामा ने झंडे में हरा, पीला और लाल रंग का इस्तेमाल किया था। यह झंडा रंगों के जरिये क्रमशः इस्लाम, हिंदुत्व और बौद्ध मत को प्रदर्शित करता था। साथ ही उसमें बीच में देवनागरी लिप...

काफी संघर्ष भरा रहा है देश की इन 4 महिला एथलीट्स का जीवन, जानकर रह जाओगे दंग

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आज लड़कियां और महिलायें किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। बात करें खेल जगत की तो यहां भी महिलाओं ने अपनी भागीदारी से देश का नाम विश्वभर में रोशन किया है। कड़े संघर्ष और जीवन में काफी अवहेलनाओं का सामना करने के बाद पहचान बनाने वाली देश की कुछ ऐसी महिलाएं है, जिनकी कहानी हमारे जीवन में प्रेरणा का काम करेगी। इसी कड़ी में आज हम देश की उन बेटियों के संघर्ष पर बात करेंगे, जिन्होंने खेल जगत में तिरंगे का मान बढ़ाया है। रानी रामपाल भारतीय महिला हॉकी टीम की शान है रानी रामपाल। बेहद कम उम्र में देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेलने वाली रानी का जीवन सफर आसान नहीं रहा है। जब वह पांचवी क्लास में पढ़ती थी, तभी से उनकी हॉकी खेलने में रूचि जागृत होने लगी थी। समय के साथ-साथ रानी बड़े लेवल पर खेलने का सपना देखने लगी थी। लेकिन उनके पिता घोड़ा चलाकर जीवन-बसर किया करते थे, ऐसे में रानी की हॉकी जरूरतों को पूरा करना उनके लिए आसान काम नहीं था। इसके बावजूद रानी के पिता ने बेटी के सपनों को उड़ान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी और उन्हें हमेशा आगे खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। हिमा दास एथलेटिक्स में भारत का जाना-माना...

लड़के-लड़कियों की 'रग्बी' में बड़ा नाम बनने की जिद, ब्लैक पैंथर्स कर रहे जमकर अभ्यास

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जयपुर जिले के प्रताप नगर (सांगानेर) क्षेत्र में संचालित ‘ब्लैक पैंथर्स स्पोर्ट्स क्लब’ (Black Panthers Sports Club) रग्बी (rugby) के खेल में नए आयाम लिखने की तरफ लगातार अग्रसर हैं। क्लब में सैंकड़ों बच्चे रग्बी सीखने के लिए तड़के सुबह 4 बजे ही मैदान (सांगानेर स्टेडियम) अभ्यास के लिए पहुंच जाते हैं, जो उनके बुलंद हौंसले और खेल में देश के लिए लिए कुछ कर दिखाने के जज्बे को प्रदर्शित करता हैं। यह जज्बा ना सिर्फ लड़कों में बल्कि क्लब की लड़कियों में भी कूट-कूट के भरा हुआ हैं। समाज की सोच बदलने की जिद देश में अप्रचारित इस खेल में लड़कियों का भाग लेना समाज और परिवार को अखरता जरूर है, लेकिन उनकी जिद ही उनकी जीत है। समाज की अवहेलनाओं को नजरअदांज करते हुए लड़कियां रग्बी के खेल में ऐसे रम चुकी हैं, जैसे कि उन्होंने देश को ओलंपिक मेडल दिलाने की ठान ही ली हो। ब्लैक पैंथर्स गर्ल्स टीम की कुछ मुख्य खिलाड़ी गोल्डी, मनीषा, नेहा, पूजा, पायल, मोहिनी और कीर्ति सितंबर माह में होने जा रहे टूर्नामेंट की तैयारियों में जी जान से जुट गई हैं। ऐसे में उनके सामने अब एक ही लक्ष्य है कि वह ऐसा कर दिखाए जो समाज क...