Ghanshyam Tiwari हैं राजनीति का धुरंधर नाम! छह बार जीते विधायकी का चुनाव

Ghanshyam Tiwari: भारत की राजनीति में एक से बड़े एक धुरंधर नाम शामिल है। उन्हीं में से एक है ‘घनश्याम तिवाड़ी’, जोकि 6 बार विधायक रह चुके है। राजस्थान की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे ‘घनश्याम तिवाड़ी’ मौजूदा समय में राज्यसभा सांसद है। वह राजस्थान में मुख्यमंत्री भैरो सिंह शेखावत और वसुंधरा राजे की सरकारों में मंत्री रहे है। लंबे राजनीतिक अनुभव के धनी घनश्याम तिवाड़ी के जन्मदिन 19 दिसंबर को हम उनकी बात कर रहे है।

देश की आजादी के कुछ महीनों बाद ही 19 दिसंबर 1947 को ‘घनश्याम तिवाड़ी’ का जन्म हुआ। वह राजस्थान के सीकर में एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे। सीकर के श्री कल्याण संस्कृत कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद कॉलेज छात्र संघ चुनाव जीतकर महासचिव बने। संस्कृत कॉलेज से स्नातक करने के बाद वह वकालात (एल.एल.बी.) के लिए जयपुर आये। इन वर्षों में वे यूनिवर्सिटी एपेक्स बॉडी के सदस्य रहे। ABVP के आयोजक और उपाध्यक्ष रहे।

जेल गए और क्रूर यातनाएं सही

सन 1975 में ‘इंदिरा गांधी’ की सरकार के दौरान लगे देशव्यापी आपातकाल में ‘घनश्याम तिवाड़ी’ एक पूर्ण राजनेता के रूप में उभर कर सामने आये। उन्होंने सरकार की वर्चस्वकारी नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। यह वही समय था जब उन्हें राजस्थान की जनता का भारी समर्थन प्राप्त हुआ। देखते ही देखते वह राजस्थानियों की एक सशक्त आवाज बन गये। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने की वजह से जेल गए जहां उन्हें क्रूर यातनाएं दी गई।

बीजेपी की संस्थापक सदस्य बने

तिवारी के समर्थन में जयप्रकाश नारायण और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया। यह Ghanshyam Tiwari के राजनीतिक जीवन का सबसे अहम मोड़ साबित हुआ। देखते ही देखते वह राजस्थान की राजनीति का एक जाना पहचाना चेहरा बनते चले गए। शुरुआत में तिवारी ‘जनता पार्टी’ के सदस्य थे। बाद में 6 अप्रैल 1980 को ‘भारतीय जनता पार्टी’ नाम से संगठन बना, जिसके वह संस्थापक सदस्य रहे।

कब-कब चुनाव जीते ‘घनश्याम तिवाड़ी’

  • 1980 में सीकर विधानसभा क्षेत्र से विधायकी का चुनाव लड़े और जीते (1980-85) भी।
  • 1985 में सीकर विधानसभा क्षेत्र से विधायकी का चुनाव लड़े और जीते (1985-90) भी।
  • 1993 में चोमू विधानसभा क्षेत्र से विधायकी का चुनाव लड़े और जीते (1993-98) भी।
  • 2003 में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से विधायकी का चुनाव लड़े और जीते (2003-08) भी।
  • 2008 में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से विधायकी का चुनाव लड़े और जीते (2008-13) भी।
  • 2013 में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से विधायकी का चुनाव लड़े और जीते (2013-18) भी।

यह भी पढ़े: जानिए कौन हैं Bhajan Lal Sharma? जिन्हें बनाया गया हैं ‘राजस्थान’ का ‘मुख्यमंत्री’

राज्य शिक्षा मंत्री के तौर पर मिला सम्मान

‘घनश्याम तिवाड़ी’ राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल में जुलाई 1998 से नवंबर 1998 के दौरान भैरो सिंह शेखावत की सरकार में ‘ऊर्जा मंत्री’ और वसुंधरा राजे की सरकार में 2003 से 2007 तक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग, कानून और न्याय विभाग, संसदीय कार्य विभाग के मंत्री रहे।

राज्य शिक्षा मंत्री के तौर पर उन्होंने छात्रों के बीच मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की। हर किलोमीटर पर स्कूल खोलने का काम किया। उनके कार्यकाल में 1.5 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति हुई। शिक्षा मंत्री के रूप में उनके काम की भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सराहना की। इस पद पर रहते हुए उनके काम को राजस्थान के शिक्षा विभाग ने साक्षरता के लिए यूनेस्को कन्फ्यूशियस पुरस्कार (UNESCO Confucius Prize) से सम्मानित किया है।

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