घूंघट से निकलकर सात समंदर पार गाड़े झंडे, भारत की बेटी प्रिया सिंह ने बॉडी बिल्डिंग में जीता स्वर्ण पदक

भारत की बेटी ‘प्रिया सिंह’ ने इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप (international bodybuilding championship) में गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीता हैं। अपनी इस उपलब्धि से प्रिया ने देश को गर्व करने का अवसर दिया हैं। इससे पहले प्रिया सिंह साल 2018 से 2020 के बीच तीन बार ‘मिस राजस्थान’ (Miss Rajasthan) का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं। मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर जिले की रहने वाली प्रिया की उपलब्धि पर देश को गर्व हैं।

हाल ही में में थाईलैंड के पटाया में 39वीं अंतरराष्ट्रीय महिला बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें राजस्थान की लाड़ली और भारत की बेटी ने देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने वहां जाकर वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की होगी।

प्रिया की पारिवारिक आर्थिक स्थिति हैं खराब

खेलों में प्रतिभाएं आगे आ रही है। लेकिन पारिवारिक कमजोर आर्थिक स्तिथि के चलते ये कहीं न कहीं और कभी न कभी समय से पहले ही दफन हो जाती हैं। प्रिया सिंह के परिवार की भी आर्थिक स्तिथि ठीक नहीं हैं। लेकिन वह जैसे-तैसे अपने हुनर को आगे ले जाने का प्रयास कर रही हैं। इसलिए बेहद जरुरी है कि समय रहते उभरती खेल प्रतिभाओं को सरकार द्वारा उचित प्रोत्साहन दिया जाए। यदि ऐसा होगा तो देश का नाम विश्व स्तर पर असल मायनों में गर्वित होगा।

प्रिया सिंह की शादी महज 8 साल की उम्र में ही कर दी गई थी। जब वह छोटी थी तो सामाजिक कुरीतियों (बाल-विवाह) का शिकार बनी। उनकी दो बेटियां भी है। प्रिया बताती है कि वह आज जो कुछ भी हैं, वह अपनी बेटियों की वजह से है। प्रिया कहती हैं कि, एक उनकी बेटी हैं जो उन्हें, उनके पैशन, खाना-पीना और उनके कपड़े पहनने आदि चीजों को लेकर समझती हैं। जिम में 9 घंटे ड्यूटी निभाते हुए बेटी की मदद बिना कुछ करना संभव नहीं था।

प्रिया सिंह
प्रिया सिंह

प्रिया को देश की बेटियों को संदेश

प्रिया ने देश की सभी बेटियों को संदेश देते हुए कहा कि ‘वह दूसरों पर निर्भर होने की जगह अपना भविष्य खुद बनाएं। बेटों के नाम पर अक्सर पिता पहचाने जाते है लेकिन बेटियों को कुछ ऐसा करना चाहिए ताकि बेटियों की वजह से पिता पहचाना जाए।

जिम में नौकरी करती हैं प्रिया सिंह

राजस्थान की इकलौती सबसे सफल महिला बॉडी बिल्डर प्रिया सिंह जिम ट्रेनर की ही नौकरी करती हैं। उन्हें जिम में अभ्यास करने वाले अन्य लोगों से ही बॉडी बिल्डिंग करने की प्रेरणा मिली। प्रिया कहती है कि एक महिला को अपना शरीर बनाने के लिए पुरुषों की तुलना में अधिक आहार और कड़ा परिश्रम चाहिए।

प्रिया सिंह
प्रिया सिंह
घूंघट से बिकनी तक का सफर

प्रिया कहती है कि वह जिस कल्चर से आती हैं। उसमें साड़ी और सूट की परंपराओं को निभाना होता हैं। लेकिन उनके खेल में जो कॉस्टयूम पहना जाता है, वह परम्पराओं से काफी अलग हैं। ऐसे में कॉस्टयूम को लेकर भी उन्हें कई ताने सुनने पड़े। वह जिस क्षेत्र से संबंध रखती है, वहां महिलायें घूंघट में रहती हैं और घूंघट में ही मर जाती हैं। ऐसे में उन्होंने परंपराओं को भी निभाया और साथ ही लक्ष्य पर भी निशाना साधा18 दिसंबर 2022 को प्रिया सिंह ने गोल्ड मेडल के साथ साथ प्रोकार्ड भी अपने नाम किया है।

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