कैसे बनेगा पहलवान जैसा फौलादी शरीर, ऐसा सोचने वालों को जीवन में अपनाने चाहिए ये जरुरी टिप्स
किसी पहलवान के जीवन में अजेय रहने के लिए सभी बड़ी चीज होती है उसकी डाइट। एक पहलवान अपनी दिनचर्या को काफी बेहतर तरीके से संतुलित करता है। उसे अखाड़े में अपने विरोधी को पस्त करने के लिए शरीर और दिमाग दोनों से ही फिट और तंदरुस्त रहना पड़ता है। एक पहलवान को सुबह-सुबह जल्दी बिस्तर का त्याग कर शरीर को फौलादी बनाने के लिए कड़े परिश्रम की जरुरत होती है। मौजूदा दौर में पहलवान भी काफी चर्चित हो गए है और हर कोई उनकी लाइफस्टाइल के बारे में जानने का इच्छुक है। इसी कड़ी में हम आपको एक पहलवान की तरह बनने के लिए जरुरी बातों के बारे में बताएंगे।
ऐसे मिल सकता है पहलवानों जैसा फौलादी शरीर
यदि आप पहलवानों जैसा शरीर चाहते है तो सबसे पहले आपको आराम को त्यागना होगा। इसके बाद आपको अपनी डाइट को बढ़ाना होगा। पहलवानों की तुलना में एक आम व्यक्ति की डाइट काफी ज्यादा कम होती है। ऐसे में यदि आप पहलवानों जैसा शरीर पाने की चाहत रखते है तो आपको खुद को फिट रखना होगा। इसके लिए आपको दूध, घी, मख्खन और बादाम जैसे आहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। यदि आप मांसाहार खा सकते है और पहलवान जैसा फौलादी शरीर चाहते है तो चिकन से बनी मीट सूप (याकनी) का सेवन करें। इसके अलावा वर्जिश को अपनी दिनचर्या का जरुरी हिस्सा बनाये।
अखाड़े में उतरने से पहले एक पहलवान की तैयारी
पहलवानों का आहार काफी भारी होता है। जिसकी मदद से उनका शरीर फौलादी हो जाता है और वह अखाड़े में बिना किसी चोट के भय से विरोधी पर टूट पड़ते है। एक पहलवान जैसी दिनचर्या को फॉलो करने के लिए आपको कड़ा परिश्रम करना होगा। एक पहलवान को अखाड़े में उतरने से पहले कई तैयारियों को परखना होता है। उन्हें अखाड़ा बनाने के लिए मैदान को साफ करना होता है और वहां से छोटे-मोटे कंकड़ पत्थर भी निकालने होते है। ऐसा करने से कुश्ती के वक्त चोट लगने का खतरा कम हो जाता है। अखाड़े को पूरी तरह से साफ और सुरक्षित करने के बाद ही एक पहलवान अभ्यास के लिए तैयार होता है।
सभी धर्मों के बंधन को तोड़ने वाली है पहलवानी
पहलवानी करना मतलब अनुशासित बनना। एक सर्वश्रेष्ठ पहलवान के लिए जरुरी होता है, वह सभी धर्मों से परे हो और अपने गुरु का सम्मान करें। पहलवानी में अधिकतर अखाड़े में देखा जाता है कि, कम अनुभवी या छोटे पहलवानों से बड़े और दिग्गज अनुभवी पहलवान अपने शरीर की मालिश करवाते है। इसे हीन भावना से ना देखकर सम्मान की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। पहलवानी में शरीर की मालिश का काफी अहम रोल होता है क्योंकि ऐसा करने से शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। तरोताजा शरीर रहने से पहलवान को अखाड़े में कुश्ती के वक्त किसी प्रकार की शारीरिक अकड़न और आलस नहीं आता।
पहलवान के लिए जरुरी है तनावमुक्त जीवन
एक पहलवान के सबसे ज्यादा आवश्यक है तनावरहित जीवन। कुश्ती के खेल में एक पहलवान के लिए सबसे बड़ा चैलेंज होता है कि, वह किस प्रकार अपने विरोधी के कंधे को जमीन तक झुकाकर पटखनी दे सकता है। इस खेल में दिमाग की शांति काफी जरुरी होती है। इसलिए एक पहलवान जैसा दिमाग पाने के लिए तनावमुक्त रहना अति-आवश्यक हो जाता है। साथ ही सम्पूर्ण आहार लेने से ही आप भी एक पहलवान जैसा फौलादी शरीर पा सकते है। Source
568 words 2,763 characters (Date: 28-01-2020)
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