आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: सोचिये ! कैसी होगी रोबोट की दुनिया

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विज्ञान पर समय रहते अगर नकेल नहीं लगायी गयी तो यही विज्ञान विश्व पतन का कार्य बनेगा इसमें कोई संदेह नहीं हैं। जिस विज्ञान ने हमे चाँद और मंगल तक पहुचाया वही आने वाले समय में हमारे अंत का कारण बनेगा। सोचकर देखिये अगर इंसान के हर कार्य पर मशीनों का नियंत्रण हो … ? हाल ही में एक एसा उदारहण चर्चा में आया है, जिसे देखकर विज्ञान के ज्ञाता और समर्थक अपनी कामयाबी का जश्न बना रहे होंगे। लेकिन कही न कही उन्हें भी इस बात का अंदाजा होगा की मशीनी शक्ति का इंसानियत पर कितना नकारात्मक असर होने वाला हैं। 




हांगकांग की ‘हैनसन रोबॉटिक्स‘ ने कर दिखाया कमाल 

हाल ही में सऊदी अरब ‘रोबोट सोफिया‘ (महिला रोबोट) को अपने देश की नागरिकता प्रदान करने वाला पहला देश बना है। हांगकांग की ‘हैनसन रोबोटिक्स‘ कंपनी ने वो कर दिखाया, जिसे हम हॉलीवुड साइंस फिक्शन फिल्मों में फ्यूचर वर्ल्ड के नजरिये से देखते आये हैं। पत्रकार एंड्रूयू सोरोकिन के साथ दिए इंटरव्यू में रोबोट सोफिया से पूछा गया कि, आप खुद को कैसे इस्तेमाल करोगे ? 



तो मानवीय मूल्यों का हवाला देते हुए सवेंदनशील होने की बात कही गई। सोरोकिन ने जब बुरे भविष्य की और जाने की बात कही तो सोफिया का कहना था इंसान हमे स्मार्टली इनपुट्स दे तो आउटपुट्स भी अच्छे होंगे। बात सही भी है लेकिन इस बात की कितनी सत्यता हैं की इन्सान हर वक्त सही इनपुट्स देगा। जहां हम 21वीं सदी में है, एक तरफ विश्व का एक धड़ा रोहिंग्या मुस्लिमों से तो सम्पूर्ण जगत आतंकवाद से जूझ रहा है। 

सऊदी अरब ने आग में घी डालने का काम 

ये समस्याएं भी इंसान के इनपुट्स से ही पैदा हुई है, जिनके आउटपुट्स हम देख ही रहे है। इसलिए कही न कहीं सऊदी अरब ने आग में घी डालने का काम किया है। एक रोबोट का इंसानों के बीच रहना उन्ही के जैसे इमोसंस पर कार्य करना कितना भयावह होगा वो तो आने वाले समय में पता चल ही जायेगा। इंसान ... इंसान का नहीं मशीनों का गुलाम बन जायेगा, घर बैठे इन्सान रोबोटों को चलाएगा। 



अपने कार्य सिद्ध करेगा तो कैसे अंदाज होगा अपराध किसने किया हैं और किसने नहीं ? इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए जब आपको आपके पसंदीदा  होटल में इन्सान नहीं ‘रोबोट वेटर‘ नजर आये। अगर आपको शिक्षण संस्थानों में रोबोट व्याख्यान देते दिखे तो समझ लीजियेगा कमजोर और विद्वान का फर्क ख़त्म हो चूका है। साउथ सुपरस्टार रजनीकांत अभिनीत फिल्म ‘रोबोट’ एक बार देखिएगा मनोरंजन की नज़र से न देखकर खुद को उस करेक्टर में रखियेगा और आकलन कीजियेगा आप कैसे भविष्य को चुनना चाहते हैं ?




मशीनों में इमोशंस आये तो प्रकृति का सर्वनाश भयावह

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तीव्र प्रसार इंसान के लिए खतरा तो हैं ही लेकिन सम्पूर्ण विश्व को पतन की ओर अग्रसर भी करेगा | लेकिन रोबोटिक्स पर उचित नियत्रण भी बहुत आवश्यक हैं | मशीनों को इन्सान की तरह कार्य करना अब दशकों की बात नहीं रह गयी हैं इसलिये आज नहीं किया गया गया तो कभी नहीं हो पायेगा | जिस प्रकार इन्सान की इच्छाये कभी ख़त्म नहीं होती उसी प्रकार अगर मशीनों में इमोशंस आये तो प्रकृति का सर्वनाश भयावह होगा। प्रकृति के साथ खिलवाड़ न तो कभी लाभप्रद हुआ है और न ही आगे होगा। 



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