खेल समाचार: 12 वर्षीय कांस्य पदक विजेता टीना सैनी का पैतृक गांव में हुआ जोरदार स्वागत
इस माह (नवंबर 2019) में अजेरबकेन देश की राजधानी बाकू में विश्व कुश्ती प्रतिस्पर्धा 2019 (ग्रेप्पलिंग) आयोजित की गई थी। इस टूर्नामेंट में भारत की 12 वर्षीय पहलवान टीना सैनी से कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। टीना की इस उपलब्धि पर उनके अभिभावक ही नहीं बल्कि पूरा देश गौरवान्वित हुआ है। जयपुर जिले की प्रताप नगर निवासी टीना सैनी का वतन वापसी पर उनके चाहने वालों ने ढोल-नगाड़ो के साथ स्वागत किया गया था।
टीना के स्वागत के लिए उमड़ा पूरा गाँव
हाल ही में टीना अपने पैतृक गांव खानकी (पंचायत पलवा) राजगढ़ (अलवर) पहुंची। वहां पर गांव के सरपंच और अन्य गणमान्य लोगों ने टीना का जोरदार स्वागत किया। इस स्वागत कार्यक्रम में पूरा गांव ही उमड़ पड़ा जो वाकई में दर्शनीय था। इस दौरान सैनी समाज ने टीना को उनकी उपलब्धि पर स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस उपलब्धि पर टीना कहती है कि, उसे खुशी है वह टूर्नामेंट में पदक जीतकर अपने पेरेंट्स, टीचर और देश का मान बढ़ा सकी।
पदक का रंग बदलने का पक्का इरादा
टीना का कहना है कि, वह अपने इस प्रदर्शन को आगे भी जारी रखेगी और भविष्य में अपने पदक का रंग अवश्य बदलेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दे टीना 7वीं कक्षा में पढ़ती है और उसका शुरू से ही ताइक्वांडो, कुश्ती जैसे आत्मरक्षा से जुड़े खेलों से लगाव रहा है। यही वजह है कि वह कम उम्र में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और सफलता हासिल करने में कामयाब रही। टीना की यह कामयाबी देश के हर बच्चे के लिए प्रेरणास्रोत का काम करेगी।
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